मार्को रुबियो ने क्यों रद्द किया G-20 का ग्रुप फोटो सेशन? रूस की मौजूदगी बनी विवाद की वजह
G20 Meeting: अमेरिका में G-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले ही दिन रूस की मौजूदगी को लेकर बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया। हालात ऐसे बने कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को बैठक का सामूहिक फोटो सेशन ही रद्द करना पड़ा। दरअसल, कई यूरोपीय देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तस्वीर खिंचाने पर आपत्ति जताई थी। कुछ देशों ने तो यहां तक चेतावनी दी कि अगर उन्हें लावरोव के साथ ग्रुप फोटो में शामिल होना पड़ा, तो वे इस सत्र से बाहर हो जाएंगे।
G20 Meeting: अमेरिका में G-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले ही दिन रूस की मौजूदगी को लेकर बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया। हालात ऐसे बने कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को बैठक का सामूहिक फोटो सेशन ही रद्द करना पड़ा। दरअसल, कई यूरोपीय देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तस्वीर खिंचाने पर आपत्ति जताई थी। कुछ देशों ने तो यहां तक चेतावनी दी कि अगर उन्हें लावरोव के साथ ग्रुप फोटो में शामिल होना पड़ा, तो वे इस सत्र से बाहर हो जाएंगे।
अटलांटा में शुक्रवार से शुरू हुई इस बैठक में G-20 के प्रमुख देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ राजनयिक हिस्सा ले रहे हैं। आमतौर पर ऐसी बैठकों की शुरुआत सभी प्रतिनिधियों के सामूहिक फोटो सेशन से होती है, लेकिन इस बार रूस की भागीदारी ने पश्चिमी देशों के बीच मतभेद को सामने ला दिया। दो अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मार्को रुबियो ने विवाद को बैठक के बाकी एजेंडे पर हावी होने से रोकने के लिए फोटो सेशन रद्द करने का फैसला किया। अधिकारियों ने संवेदनशीलता का हवाला देते हुए अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की।
लावरोव की मौजूदगी पर यूरोपीय देशों को आपत्ति
दरअसल, यूक्रेन पर रूस के हमले और उसके बाद मॉस्को पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की NATO सदस्य देशों की यात्राएं सीमित रही हैं। ऐसे में G-20 की बैठक में उनकी मौजूदगी ने पश्चिमी देशों के बीच असहजता बढ़ा दी। कुछ देशों ने रूस को इस बैठक में आमंत्रित करने के अमेरिकी फैसले पर भी सवाल उठाए थे। खासतौर पर ऐसे समय में जब यूक्रेन में संघर्ष जारी है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मॉस्को के प्रति रुख पश्चिमी देशों के कुछ सहयोगियों से अलग नजर आता है।
वीजा को लेकर रूस ने भी जताई थी नाराजगी
बैठक से पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल को लेकर परेशानी जाहिर की थी। मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा था कि रूसी प्रतिनिधिमंडल को वीजा हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, हालांकि आखिरी वक्त में यह समस्या दूर हो गई। जखारोवा के मुताबिक, वीजा प्रक्रिया में आई मुश्किलों से यह धारणा बनी कि वॉशिंगटन में हर कोई सर्गेई लावरोव की मौजूदगी से खुश नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस इस बैठक का इस्तेमाल वैश्विक आर्थिक संस्थानों में तेजी से सुधार की अपनी मांग को आगे बढ़ाने के लिए करेगा।
दिसंबर में होने वाले G-20 शिखर सम्मेलन की तैयारी
अटलांटा में विदेश मंत्रियों की यह बैठक दिसंबर में प्रस्तावित G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से अहम है। इस सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा के मियामी स्थित अपने गोल्फ क्लब में करेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ट्रंप का निमंत्रण स्वीकार करेंगे या नहीं। पहले ही दिन फोटो सेशन रद्द होने की घटना ने संकेत दे दिया है कि बैठक में कई मुद्दों पर देशों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं होगा। रूस-यूक्रेन संघर्ष, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई, अमेरिकी टैरिफ और दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियां जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
इन मुद्दों का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। ऐसे में G-20 की बैठक केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक मतभेदों की भी परीक्षा बन सकती है।



