‘न्यूसेंस यहां आ गया है…’, विरोध करने पहुंचे दंपती पर कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी
Kailash Vijayvargiya: मध्यप्रदेश के इंदौर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सोशल एक्टिविस्ट प्रह्लाद पांडे अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में पहुंच गए। दंपती ने पोस्टर और फिनाइल की बोतल के जरिए ऐसे सवाल उठाए, जिसने कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
Kailash Vijayvargiya: मध्यप्रदेश के इंदौर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सोशल एक्टिविस्ट प्रह्लाद पांडे अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में पहुंच गए। दंपती ने पोस्टर और फिनाइल की बोतल के जरिए ऐसे सवाल उठाए, जिसने कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दरअसल, प्रह्लाद पांडे के हाथ में एक पोस्टर था, जिस पर 30 हजार रुपये के बल्ब और 33 हजार रुपये प्रति लीटर फिनाइल का जिक्र किया गया था। पोस्टर के माध्यम से वह इन खर्चों को लेकर जवाब मांग रहे थे। वहीं, उनकी पत्नी के हाथ में फिनाइल की एक बोतल थी। दोनों पदयात्रा के दौरान मंच के सामने पहुंचकर विरोध जताने लगे। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की नजर पोस्टर लेकर खड़े प्रह्लाद पांडे पर पड़ी। शुरुआत में उन्होंने उनके सवालों का जवाब देने की बात कही, लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल बदल गया।
वायरल वीडियो में कैलाश विजयवर्गीय पुलिस अधिकारियों को बुलाते हुए दिखाई देते हैं। वह कहते सुनाई देते हैं कि यहां न्यूसेंस आ गया है और पुलिस अधिकारी आएं। इसके साथ ही उन्होंने प्रह्लाद पांडे से वहां से जाने को कहा। विजयवर्गीय की टिप्पणी के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का ध्यान इस घटनाक्रम की ओर चला गया। इसके बाद पुलिस ने प्रह्लाद पांडे और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। दंपती के विरोध के कारण कार्यक्रम में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने इंदौर की राजनीतिक हलचल को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ बीजेपी की पदयात्रा में लोकतंत्र और व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे थे, तो दूसरी तरफ उसी कार्यक्रम में पहुंचे दंपती ने खर्चों को लेकर सवाल खड़े कर दिए। अब इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।



