‘सपा का खाता कैसे खुला, इसकी समीक्षा करेंगे’, MLC नतीजों पर बोले केशव प्रसाद मौर्य
Keshav Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वीकार किया कि भाजपा को चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिल पाईं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।
Keshav Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वीकार किया कि भाजपा को चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिल पाईं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।
‘हम अधिक सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे थे’
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, केशव प्रसाद मौर्य से जब विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि MLC चुनाव में योग्य और शिक्षित मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया है, लेकिन पार्टी को उम्मीद थी कि वह इससे अधिक सीटें जीतेगी। मौर्य ने कहा कि पार्टी को अपेक्षा के मुताबिक सीटें नहीं मिली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस बात की समीक्षा करेगी कि समाजवादी पार्टी उन सीटों पर कैसे जीत हासिल करने में सफल रही, जहां भाजपा को जीत की उम्मीद थी। उनके मुताबिक, आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पार्टी अपनी रणनीति पर विचार करेगी।
सपा की जीत पर समीक्षा करेगी भाजपा
केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी की जीत को लेकर कहा कि भाजपा इस पर विचार करेगी कि किन कारणों से सपा को सफलता मिली। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी चुनाव परिणामों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार करेगी। वहीं, सपा की ओर से चुनाव में धांधली के आरोपों को लेकर मौर्य ने कहा कि अगर धांधली होती, तो समाजवादी पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाती। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश का सम्मान करती है। मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा का कमल खिलेगा। इस तरह उन्होंने विधान परिषद चुनाव के नतीजों और विधानसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों को अलग-अलग संदर्भों में पेश किया।
MLC चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा तथा समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा। घोषित परिणामों के अनुसार, मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल ने जीत दर्ज की। लखनऊ शिक्षक सीट से भाजपा के उमेश द्विवेदी विजयी रहे। वहीं, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो विजयी घोषित किए गए। वाराणसी स्नातक सीट पर भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों का प्रदर्शन चर्चा में रहा। चुनावी नतीजों के बीच भाजपा और सपा दोनों ही अपने-अपने प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक संदेश देने में जुटी हैं।
2027 विधानसभा चुनाव पर भाजपा की नजर
विधान परिषद चुनाव के परिणामों के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। भाजपा जहां अपने संगठन और चुनावी रणनीति की समीक्षा की बात कर रही है, वहीं सपा के प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
केशव प्रसाद मौर्य का बयान इस बात का संकेत है कि भाजपा विधान परिषद चुनाव के नतीजों को हल्के में लेने के बजाय उन सीटों पर भी समीक्षा करना चाहती है, जहां उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि, विधान परिषद के सीमित मतदाता वर्ग वाले चुनाव और विधानसभा चुनाव की परिस्थितियां अलग होती हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में किस दल को जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे।



