खाद और LPG की कमी की अफवाहों पर विपक्ष को घेरा, बोले PM मोदी- देश को बदनाम करना चाहते हैं
Narendra Modi: कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल जहां SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं बीजेपी भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में जुटी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल देश में संकट की स्थिति का फायदा उठाने और अफवाहें फैलाकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
Narendra Modi: कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल जहां SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं बीजेपी भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में जुटी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल देश में संकट की स्थिति का फायदा उठाने और अफवाहें फैलाकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जो भारत को मुश्किल में देखकर खुश होते हैं। जब भी देश किसी संकट का सामना करता है, तो उन्हें उसमें अवसर दिखाई देता है। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका मकसद देश में अव्यवस्था पैदा करना और मोदी को बदनाम करना है।
खाद और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पूरी दुनिया चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत भी इस परिस्थिति से निपटने के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ लोग देश में अफवाहें फैलाने में जुटे हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, किसानों के बीच यह अफवाह फैलाई गई कि उन्हें खाद नहीं मिलेगी। इसके कारण खाद की दुकानों पर लंबी कतारें लगने और घबराहट का माहौल बनने की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर डराया गया। उनके मन में यह चिंता पैदा की गई कि अगर गैस नहीं मिलेगी तो खाना कैसे बनेगा और बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इन बातों के जरिए देश में बनावटी संकट का माहौल खड़ा करने की कोशिश की गई, ताकि सरकार की छवि खराब हो। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद उनकी सरकार ने किसानों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया।
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष का भारत पर असर
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति भी अहम है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित किया है। इसका सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए तेल और गैस की आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से ऊर्जा बाजार और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री क्षेत्र में जारी टकराव ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
तेल की कीमतों से लेकर खाद की लागत तक बढ़ी चुनौती
खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं है। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर परिवहन, उद्योग, खाद्य उत्पादन और उर्वरकों की लागत पर भी पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और उर्वरकों की कीमतें बढ़ने से खेती की लागत पर दबाव बन सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर खाद की कीमतें काफी बढ़ी हैं, लेकिन सरकार ने भारतीय किसानों को इसका सीधा बोझ नहीं उठाने दिया। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगी होने के बावजूद भारत में किसानों को खाद रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है।
SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर पहले से आमने-सामने हैं सत्ता पक्ष और विपक्ष
गौरतलब है कि देश में इन दिनों SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और कथित वोट चोरी का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के दूसरे दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, बीजेपी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बताते हुए लगातार जवाब दे रही है। अब प्रधानमंत्री मोदी के ताजा बयान ने इस राजनीतिक टकराव को एक नया आयाम दे दिया है। एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच देश में अफवाह फैलाने का आरोप लगाकर विपक्ष पर निशाना साधा है।
बनासकांठा की जनसभा में पीएम मोदी ने साफ संदेश देने की कोशिश की कि वैश्विक चुनौतियों के बीच सरकार किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, विपक्ष पर लगाए गए अफवाह फैलाने के आरोप प्रधानमंत्री के राजनीतिक बयान हैं। इस पूरे विवाद के बीच खाद और LPG की वास्तविक उपलब्धता तथा कीमतों से जुड़े आंकड़े भी बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहेंगे।



