जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बगावत के संकेत? 15 से ज्यादा विधायकों की बैठक
Jammu Kashmir Politics: जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट फेरबदल के बाद अंदरूनी असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी के कई विधायकों और निर्दलीय विधायकों ने हालिया मंत्रिमंडल बदलाव पर नाराजगी जाहिर की है। सूत्रों के मुताबिक, 15 से ज्यादा विधायकों ने श्रीनगर में एक बैठक कर आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक को कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर उभर रही खींचतान के तौर पर देखा जा रहा है।
Jammu Kashmir Politics: जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट फेरबदल के बाद अंदरूनी असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी के कई विधायकों और निर्दलीय विधायकों ने हालिया मंत्रिमंडल बदलाव पर नाराजगी जाहिर की है। सूत्रों के मुताबिक, 15 से ज्यादा विधायकों ने श्रीनगर में एक बैठक कर आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक को कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर उभर रही खींचतान के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नाराज विधायकों की यह बैठक लोलाब के विधायक कैसर जमशीद के श्रीनगर स्थित आवास पर हुई। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ विधायक मुबारक गुल और अब्दुल मजीद लर्मी समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक में विधायकों ने मंत्रिमंडल में हुए बदलाव को लेकर अपनी निराशा जाहिर की और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
दो साल पूरे कर चुके मंत्रियों को हटाने की मांग
सूत्रों का दावा है कि नाराज विधायक उन मंत्रियों को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर लिए हैं। विधायकों का मानना है कि मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर उनकी अपेक्षाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, इस बैठक में शामिल विधायकों की ओर से किसी औपचारिक फैसले या सामूहिक कदम की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
अली मोहम्मद सागर महासचिव पद पर बने रहेंगे
इस राजनीतिक हलचल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नवनियुक्त मंत्री हाजी अली मोहम्मद सागर को पार्टी के महासचिव पद पर बनाए रखने का आदेश जारी किया है। पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सागर अगले आदेश तक महासचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। दरअसल, कैबिनेट फेरबदल के तुरंत बाद वरिष्ठ नेता मुबारक गुल को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया था। इसे उन्हें मनाने की कोशिश के रूप में देखा गया, क्योंकि मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली थी। हालांकि, अब फारूक अब्दुल्ला के नए आदेश के बाद अली मोहम्मद सागर के महासचिव पद पर बने रहने की पुष्टि हुई है।
मुबारक गुल के समर्थकों ने पार्टी कार्यालय में किया था विरोध
कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर स्थित मुख्यालय में मुबारक गुल के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर नवनियुक्त मंत्री अली मोहम्मद सागर के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान ‘गुल गुल शेर गुल’ और ‘पार्टी का फैसला नामंजूर’ जैसे नारे लगाए गए थे। मुबारक गुल को मंत्री पद नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। अब 15 से ज्यादा विधायकों की बैठक और महासचिव पद को लेकर जारी नए आदेश ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों को फिर चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व की ओर से विधायकों की बैठक और उनकी नाराजगी पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को किस तरह संभालता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।



