उत्तराखंड

सरकारी विभागों को चुकाने होंगे बिजली बिल, सीएम धामी ने 539.61 करोड़ की देनदारी पर दिए निर्देश

Pushkar Singh Dhami:उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक में निगमों की आर्थिक चुनौतियों, लंबित देनदारियों और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय प्रबंधन को मजबूत किया जाए और लंबित भुगतान की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक में निगमों की आर्थिक चुनौतियों, लंबित देनदारियों और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय प्रबंधन को मजबूत किया जाए और लंबित भुगतान की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

गुरुवार को आयोजित इस बैठक में दोनों विद्युत निगमों के प्रबंध निदेशकों ने मुख्यमंत्री को अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी दी। बैठक में निगमों की आय-व्यय व्यवस्था, लंबित देनदारियों, जरूरी वित्तीय संसाधनों और विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान पर विस्तार से चर्चा हुई।

सरकारी विभागों पर 539.61 करोड़ रुपये की देनदारी

बैठक में सामने आया कि 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के रूप में लगभग 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विभागों की लंबित विद्युत देनदारियों के भुगतान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके। इसके साथ ही अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष लगभग 166 करोड़ रुपये की शेष राशि उपाकालि को अवमुक्त करने के निर्देश भी दिए गए। इससे संबंधित कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलने की तैयारी

बैठक में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत पहले चरण में सभी सरकारी कार्यालयों और भवनों में स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने के लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने उपाकालि की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुरूप इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को व्यवस्थित ढंग से लागू किया जा सके।

सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर

उत्तराखंड में सर्दियों के दौरान बिजली की मांग में वृद्धि को देखते हुए बैठक में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधानों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शीतकालीन अवधि में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से जुड़े कार्यों के भुगतान, पूंजीगत परियोजनाओं के लिए धनराशि की उपलब्धता और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यों के लंबित भुगतान पर भी चर्चा हुई।

यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे का मुद्दा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विभाजन से संबंधित ट्रांसफर स्कीम के तहत लंबित धनराशि का विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि लंबे समय से लंबित वित्तीय मामलों का समाधान हो सके। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से संबंधित परिसंपत्तियों और देनदारियों के विवरण तथा उपाकालि की ओर से कराए जा रहे ईपीसी कार्यों के सापेक्ष लंबित धनराशि की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों विद्युत निगमों को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और लंबित देनदारियों के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। बैठक में अनुपूरक बजट में अतिरिक्त मांगों के सापेक्ष स्वीकृति और निगमों को जरूरी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित विभागों और विद्युत निगमों के अधिकारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, धामी सरकार की इस समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस विद्युत निगमों की आर्थिक स्थिति को सुधारना, सरकारी विभागों से बकाया बिजली बिलों की वसूली में तेजी लाना और प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना रहा।

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