उत्तराखंड

धाल सिंह बने उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल, CM धामी ने दी बधाई, बोले- अनुभव से देवभूमि को मिलेगा लाभ

CM Dhami News: धाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई दी। जानिए धाल सिंह बिसेन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव और उनकी प्राथमिकताएं।

CM Dhami News: उत्तराखंड (Uttarakhand) को अपना नया राज्यपाल मिल गया है। धाल सिंह बिसेन (Dhal Singh Bisen) ने देहरादून स्थित लोक भवन में उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल (9th Governor of Uttarakhand) के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बिसेन को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का फायदा राज्य को मिलेगा।

सीएम धामी ने एक्स पर दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर धाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बिसेन की उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में नियुक्ति देवभूमि के लिए बेहद खुशी का विषय है।

धामी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि धाल सिंह बिसेन के व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का लाभ उत्तराखंड को एक मार्गदर्शक के रूप में मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिसेन की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और संवैधानिक मर्यादा के प्रति उनकी निष्ठा राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने बिसेन के सफल कार्यकाल के लिए भी शुभकामनाएं दीं।

धाल सिंह बिसेन ने जताया आभार

राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में धाल सिंह बिसेन ने उन्हें उत्तराखंड की सेवा का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने उत्तराखंड को केवल एक राज्य नहीं बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र बताया।

बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां चार पवित्र धाम मौजूद हैं। इसके साथ ही आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र धार्मिक स्थल भी इसी धरती पर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपने अनोखे पर्यटन स्थलों (Tourist Destinations) के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।

‘देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है उत्तराखंड’

धाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड को वीरभूमि (Veer Bhoomi) भी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा में यहां के लोगों का भी बड़ा योगदान है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग हर परिवार में कम से कम एक सदस्य देश की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों (Armed Forces) में सेवा करता है। यही वजह है कि उनके लिए उत्तराखंड की सेवा करना एक विशेष जिम्मेदारी और अवसर है।

महिलाओं और युवाओं की भी तारीफ

राज्यपाल धाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड की महिलाओं, युवाओं और किसानों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं बेहद सशक्त और प्रेरणादायक हैं। वहीं यहां के युवा, किसान और पूरा समाज मेहनती और चुनौतियों का सामना करने वाला है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की इसी मेहनत और दृढ़ता की वजह से राज्य विकास (Development) के अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शिक्षा से लेकर रोजगार तक प्राथमिकता

राज्यपाल के तौर पर अपनी प्राथमिकताओं को लेकर भी धाल सिंह बिसेन ने स्पष्ट बात कही। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मूल्यों (Constitutional Values) को बनाए रखना और राज्यपाल पद की गरिमा की रक्षा करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता के साथ मिलकर शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Healthcare), कृषि (Agriculture), पर्यटन (Tourism), पर्यावरण संरक्षण (Environmental Conservation), रोजगार (Employment) और जनकल्याण (Public Welfare) से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बिसेन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करना उनका अंतिम लक्ष्य रहेगा।

कौन हैं धाल सिंह बिसेन?

धाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से आने वाले वरिष्ठ राजनेता हैं। वह बालाघाट (Balaghat) से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के सदस्य के तौर पर भी काम किया है।

मध्य प्रदेश सरकार में वह कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। मंत्री के तौर पर उनके पास स्कूल शिक्षा (School Education), वन (Forest), परिवहन (Transport) और खनन (Mines) जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे हैं।

चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे

धाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग (Madhya Pradesh Fourth State Finance Commission) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस तरह उनके पास राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज का भी लंबा अनुभव है।

इसी राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भरोसा जताया है कि उत्तराखंड को उनके कार्यकाल का लाभ मिलेगा। वहीं राज्यपाल का पद संभालने के बाद बिसेन ने भी साफ किया है कि संवैधानिक मूल्यों, विकास और जनकल्याण को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।

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