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ऐशबाग रामलीला में AI का कमाल, हवा में उड़ते हनुमान को देख रोमांचित हुए दर्शक

राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में आयोजित ‘रामोत्सव 2026’ में शनिवार की रात भक्ति, आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। रामलीला के पारंपरिक मंचन में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीक से तैयार दृश्यों को शामिल किया गया।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में आयोजित ‘रामोत्सव 2026’ में शनिवार की रात भक्ति, आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। रामलीला के पारंपरिक मंचन में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीक से तैयार दृश्यों को शामिल किया गया। मंच पर पवनपुत्र हनुमान को हवा में उड़ते हुए देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। इस दौरान पूरा रामलीला मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा।

AI और आधुनिक तकनीक से सजी रामलीला

ऐशबाग की ऐतिहासिक रामलीला में इस बार तकनीक के जरिए पौराणिक प्रसंगों को अधिक आकर्षक और जीवंत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मंचन के दौरान आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल ने दर्शकों को एक नया अनुभव दिया। खासकर हनुमान जी के उड़ने के दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा। आयोजन में परंपरागत धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल नई पीढ़ी को रामायण की कथाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

शबरी की भक्ति से बालि वध तक का हुआ मंचन

शनिवार को रामलीला का शुभारंभ माता सीता के हरण के बाद प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा उनकी खोज के प्रसंग से हुआ। माता सीता की तलाश करते हुए दोनों भाई वन-वन भटकते हुए माता शबरी के आश्रम पहुंचे। शबरी अपने गुरु मतंग ऋषि की आज्ञा के अनुसार वर्षों से प्रभु श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं।

प्रभु श्रीराम के आश्रम पहुंचने पर शबरी की निश्छल भक्ति और प्रेम का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। भगवान राम ने शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित किए गए बेर स्वीकार किए और उन्हें मोक्ष का आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग ने दर्शकों को भक्ति, समर्पण और प्रेम का संदेश दिया। इसके बाद शबरी के सुझाव पर प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे, जहां उनकी भेंट परम भक्त हनुमान जी से हुई। हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम और सुग्रीव के बीच मित्रता कराई। इसके बाद सुग्रीव को उसका राज्य और सम्मान वापस दिलाने के लिए प्रभु श्रीराम ने बालि का वध किया। मृत्यु शैया पर पड़े बालि ने अपने पुत्र अंगद को प्रभु श्रीराम के संरक्षण में सौंप दिया। इन प्रसंगों का मंचन देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।

स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

मुख्य रामलीला मंचन से पहले स्थानीय कलाकारों ने आकर्षक सांस्कृतिक और नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। धार्मिक प्रसंगों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आधुनिक तकनीक के मेल ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।

नई पीढ़ी को रामायण से जोड़ने की पहल

ऐशबाग श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक पीढ़ी को भारतीय पौराणिक इतिहास और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से इस वर्ष से AI-जनरेटेड दृश्यों को लगातार रामलीला में शामिल किया जा रहा है। इसके माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को अधिक प्रभावशाली तरीके से दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।

रविवार को होगा लंका दहन का भव्य मंचन

समिति के मुताबिक, रविवार को रामलीला में अशोक वाटिका में माता सीता और रावण के बीच संवाद का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल दृश्यों से सुसज्जित लंका दहन की लीला भी प्रस्तुत की जाएगी। दर्शकों को इस मंचन में भी आधुनिक तकनीक और पारंपरिक धार्मिक कथा का अनूठा मेल देखने को मिलेगा।

ऐशबाग का ‘रामोत्सव 2026’ इस बार धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और नई तकनीक के संगम के रूप में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आयोजन का उद्देश्य रामायण की परंपरा को संरक्षित रखने के साथ-साथ उसे आधुनिक पीढ़ी तक नए अंदाज में पहुंचाना है।

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