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काशी के आसमान में वायुसेना का शौर्य, पीएम मोदी बने एयर शो के साक्षी

Varanasi Air Show 2026: गंगा की लहरें, आसमान में गरजते लड़ाकू विमान और हवा में हैरतअंगेज करतब! धर्मनगरी काशी में आज भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। वाराणसी के नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो देखा। आसमान में विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के शानदार करतबों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

Varanasi Air Show 2026: गंगा की लहरें, आसमान में गरजते लड़ाकू विमान और हवा में हैरतअंगेज करतब! धर्मनगरी काशी में आज भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। वाराणसी के नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो देखा। आसमान में विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के शानदार करतबों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

कैलाश और विश्वनाथ फॉर्मेशन ने दिखाया दम

नमो घाट पर आयोजित एयर शो में C-130J सुपर हरक्यूलिस और An-32 परिवहन विमानों ने ‘कैलाश फॉर्मेशन’ के जरिए वायुसेना की परिवहन और विशेष अभियान क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, Su-30MKI लड़ाकू विमानों ने ‘विश्वनाथ फॉर्मेशन’ और तीन विमानों के ‘त्रिशूल स्प्लिट’ जैसे करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। गंगा के ऊपर एकल Su-30MKI विमान ने अपनी असाधारण पैंतरेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के ‘डॉल्फिन लीप’ और ‘सारंग स्प्लिट’ जैसे करतब आकर्षण का केंद्र रहे। सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम की मौजूदगी ने भी एयर शो की भव्यता बढ़ाई।

वाराणसी को गारमेंट फैक्ट्री की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने एयर शो से पहले वाराणसी में अरविंद मिल की गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन किया और करीब 300 महिलाओं से संवाद किया। इस पहल को स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। शहर को 32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब-सेक्टर में बांटकर लगभग 11,900 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।

कुल मिलाकर, काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ ने भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीक और अदम्य साहस की शानदार तस्वीर पेश की। एक तरफ गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने देश का गौरव बढ़ाया, तो दूसरी तरफ विकास की नई सौगात ने रोजगार की उम्मीदों को पंख दिए। आस्था की नगरी काशी से निकला यह संदेश साफ है, भारत की विरासत भी गौरवशाली है और उसकी उड़ान भी बुलंद।

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