PM Modi Mann Ki Baat: दिवाली से पहले लोकल पर जोर, मखाना से Brain Mapping तक जानिए 10 बड़ी बातें
PM Modi Mann Ki Baat: 139वें एपिसोड में पीएम मोदी ने Vocal for Local, पूर्णिया के मखाने, कलबुर्गी की अरहर दाल, खादी, IIT Madras की Brain Mapping, e-Sanjeevani और पर्यावरण समेत 10 बड़ी बातों का जिक्र किया।

PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में देशवासियों से कई अहम मुद्दों पर बात की। इस बार दिवाली (Diwali) से पहले उन्होंने सबसे ज्यादा जोर ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) पर दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय उत्पादों (Indian Products), स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare), विज्ञान (Science), पर्यावरण (Environment), पारंपरिक खेती (Traditional Farming), संस्कृति (Culture) और देश के प्रेरणादायक लोगों का भी जिक्र किया।
आइए जानते हैं इस बार के ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) की 10 बड़ी बातें।
1- दिवाली से पहले ‘Vocal for Local’ पर सबसे ज्यादा जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने त्योहारों (Festivals) की खरीदारी करते समय स्थानीय दुकानदारों (Local Shopkeepers), कारीगरों (Artisans) और भारतीय उत्पादों (Indian Products) को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में बने सामान को खरीदना केवल खरीदारी नहीं, बल्कि देश के मेहनतकश लोगों का समर्थन करना भी है।
पीएम मोदी ने कई उदाहरणों के जरिए बताया कि भारत के स्थानीय उत्पाद अब विदेशी बाजारों (Global Markets) तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने पूर्णिया के मखाने (Purnia Makhana) का उदाहरण दिया, जो ग्रीस (Greece) तक पहुंच रहा है
2- पूर्णिया का मखाना पहुंचा ग्रीस
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने बिहार (Bihar) के पूर्णिया (Purnia) के मखाने का जिक्र किया। कभी स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला यह उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में अपनी जगह बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने इसे ‘लोकल से ग्लोबल’ (Local to Global) की दिशा में बढ़ती भारत की क्षमता का उदाहरण बताया।
3- कलबुर्गी की अरहर दाल पहुंची मालदीव
पीएम मोदी ने कर्नाटक (Karnataka) के कलबुर्गी (Kalaburagi) की अरहर दाल (Tur Dal) का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह भारतीय उत्पाद अब मालदीव (Maldives) तक पहुंच रहा है।
इस उदाहरण के जरिए उन्होंने बताया कि देश के किसानों (Farmers) और स्थानीय उत्पादकों (Local Producers) के उत्पादों के लिए विदेशों में भी बाजार तैयार हो रहे हैं।
4- खादी की बिक्री ने बनाया नया आंकड़ा
प्रधानमंत्री ने खादी (Khadi) और स्वदेशी उत्पादों (Swadeshi Products) की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के दिन खादी ग्रामोद्योग (Khadi and Village Industries) के उत्पादों की बिक्री ₹28 करोड़ से ज्यादा रही।
पीएम के मुताबिक यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब ₹1.5 करोड़ अधिक है। यानी खादी को लेकर लोगों की दिलचस्पी और खरीदारी दोनों बढ़ रही हैं।
5- IIT Madras में 100 मानव दिमागों की 3D Mapping
इस बार ‘मन की बात’ का एक बड़ा वैज्ञानिक (Scientific) एंगल IIT Madras से जुड़ा रहा। पीएम मोदी ने IIT Madras के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर (Sudha Gopalakrishnan Brain Centre) के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का जिक्र किया।
इस प्रोजेक्ट में 100 मानव दिमागों (Human Brains) की हाई-रिजॉल्यूशन 3D मैपिंग (3D Brain Mapping) और स्टडी की जा रही है। इसके लिए भारत के सुपरकंप्यूटर (Supercomputer) Param Shakti का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस रिसर्च से मानव मस्तिष्क (Human Brain) को समझने और भविष्य में न्यूरोसाइंस (Neuroscience) से जुड़े शोध को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
6- E-Sanjeevani ने पार किया 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन का आंकड़ा
स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare Services) पर बात करते हुए पीएम मोदी ने e-Sanjeevani (e-Sanjeevani) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म (Digital Health Platform) के जरिए अब तक करीब 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन (Teleconsultations) हो चुके हैं।
इसका फायदा खास तौर पर उन इलाकों को मिल रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) तक सीधे पहुंच आसान नहीं है। अंडमान-निकोबार (Andaman and Nicobar), लक्षद्वीप (Lakshadweep), लद्दाख (Ladakh) और नागालैंड (Nagaland) जैसे क्षेत्रों का उदाहरण भी सामने आया।
7- उत्तराखंड की हेवल नदी कैसे फिर जिंदा हुई?
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड (Uttarakhand) के टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal) की हेवल नदी (Hewal River) के पुनर्जीवन (River Revival) की कहानी भी सुनाई।
स्थानीय लोगों (Local Communities) और प्रशासन (Administration) ने मिलकर बारिश के पानी को रोकने, जल संरक्षण (Water Conservation), भूजल रिचार्ज (Groundwater Recharge) और पौधरोपण (Tree Plantation) जैसे काम किए।
इससे नदी और आसपास के प्राकृतिक जलस्रोतों (Natural Water Sources) को दोबारा मजबूत करने में मदद मिली।
8- पंजाब की Nav-Trinjan पहल और ऑर्गेनिक कॉटन
पंजाब (Punjab) के मालवा क्षेत्र (Malwa Region) में पारंपरिक खेती (Traditional Farming) और ऑर्गेनिक कॉटन (Organic Cotton) को बढ़ावा देने वाली Nav-Trinjan पहल का भी पीएम मोदी ने जिक्र किया।
इस पहल में प्राकृतिक तरीके से कपास (Natural Cotton) उगाने के साथ-साथ पारंपरिक बुनाई (Traditional Weaving) और स्थानीय हुनर (Local Skills) को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
9- नॉर्थ-ईस्ट में मिलेट की खेती को बढ़ावा
पीएम मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट (North-East India) में पारंपरिक फसलों (Traditional Crops) और मिलेट (Millets) की खेती का भी जिक्र किया।
मेघालय (Meghalaya) और नागालैंड (Nagaland) जैसे राज्यों में मिलेट की खेती को दोबारा बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। इसका मकसद किसानों (Farmers) को पारंपरिक फसलों से जोड़ने के साथ नए बाजार (New Markets) उपलब्ध कराना भी है।
10- 12 साल की ‘मन की बात’ और ‘तीर्थयात्रा’ वाला बयान
इस एपिसोड की एक खास बात ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के 12 साल पूरे होने से भी जुड़ी रही। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम को अपने लिए एक तरह की ‘तीर्थयात्रा’ (Pilgrimage) बताया।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे आम लोगों (Common People), सामाजिक कार्यकर्ताओं (Social Workers), किसानों (Farmers), वैज्ञानिकों (Scientists), कलाकारों (Artists) और दूसरे लोगों की प्रेरणादायक कहानियों (Inspiring Stories) को जानने का मौका मिला।
यानी इस बार की ‘मन की बात’ में एक तरफ दिवाली से पहले ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) का संदेश सबसे प्रमुख रहा, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य (Healthcare), विज्ञान (Science), पर्यावरण (Environment), खेती (Farming) और भारतीय संस्कृति (Indian Culture) से जुड़े कई उदाहरणों के जरिए देश में हो रहे अलग-अलग प्रयासों की चर्चा की गई।



