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अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के विरोध में हिंसा, RAF की दो कंपनियां तैनात

Arunachal Pradesh News: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियां तैनात की हैं। करीब 250 RAF जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायुसेना के विशेष परिवहन विमान के जरिए पासीघाट भेजा गया है। सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करना और हिंसा को आगे बढ़ने से रोकना है।

Arunachal Pradesh News: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियां तैनात की हैं। करीब 250 RAF जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायुसेना के विशेष परिवहन विमान के जरिए पासीघाट भेजा गया है। सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करना और हिंसा को आगे बढ़ने से रोकना है।

11,200 मेगावाट के प्रोजेक्ट को लेकर विरोध

पूरा मामला 11,200 मेगावाट क्षमता वाले ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (SUMP) से जुड़ा है। इस परियोजना को लेकर स्थानीय समूहों की ओर से विरोध किया जा रहा है। 23 अक्टूबर को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में स्थानीय संगठनों ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांत रही, लेकिन बंद समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात पासीघाट में अचानक हिंसा भड़क उठी। उपद्रव का यह दौर शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे तक जारी रहा। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई।

NHPC कार्यालय और पुलिस स्टेशन में आगजनी

हिंसा के दौरान उपद्रवियों की भीड़ ने एनएचपीसी (NHPC) के कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समेत तीन नेताओं के आवासों में भी तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हिंसक घटनाओं के दौरान हालात संभालने में जुटे राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कई जवान भी घायल हुए हैं। सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाए जाने के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बहाल करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की शांति की अपील

राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री की अपील के बीच प्रशासन का ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने और हिंसा की घटनाओं पर नियंत्रण पाने पर केंद्रित है।

RAF, CRPF और स्थानीय पुलिस ने संभाला मोर्चा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर पासीघाट पहुंचे RAF के जवान स्थानीय पुलिस और पहले से तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की बटालियनों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता इलाके में शांति बहाल करना, हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करना और किसी भी नई घटना को रोकना है। RAF की तैनाती से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

विकास परियोजना और स्थानीय विरोध के बीच बढ़ा तनाव

सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर जारी विरोध अब गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदल गया है। 11,200 मेगावाट की इस प्रस्तावित परियोजना के विरोध में स्थानीय समूहों की सक्रियता और उसके बाद हुई हिंसा ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में प्रशासन के सामने शांति बहाल करने के साथ-साथ परियोजना को लेकर उठ रहे स्थानीय विरोध के मुद्दों से निपटने की भी चुनौती रहेगी।

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