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दलेर मेहंदी पर नशे के आरोप से माफी तक...7 दिन में ऐसे पलटा मामला, क्यों बैकफुट आए मंत्री? Inside Story

Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी विवाद में 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक क्या-क्या हुआ? मंत्री सुबोध उनियाल के नशे और लिप-सिंकिंग के आरोप, मीका सिंह व सितारों की प्रतिक्रिया, CM धामी की पहल और मंत्री की फोन पर माफी की पूरी टाइमलाइन जानिए।

Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच चल रहा विवाद अब खत्म होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। 25 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांग ली। इसके बाद मीका सिंह (Mika Singh) की टीम ने मंत्री के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि कलाकार की गरिमा (Artist Dignity) का सम्मान बेहद जरूरी है। टीम ने उम्मीद जताई कि अब इस मामले को पीछे छोड़कर सभी आपसी सम्मान और समझ के साथ आगे बढ़ेंगे।

यानी जिस विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले (Kunjapuri Mela) में मंच पर हुई थी, वह 25 अक्टूबर को मंत्री की फोन पर माफी तक पहुंच गया है। इस बीच दलेर मेहंदी पर शराब पीकर परफॉर्म करने के आरोप, लिप-सिंकिंग (Lip-Syncing) का सवाल, करीब 35 से 36 लाख रुपये की फीस, मीका सिंह और कई फिल्मी सितारों का विरोध, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की एंट्री और फिर मंत्री के लगातार अपने बयान पर कायम रहने ने पूरे मामले को सुर्खियों में बनाए रखा।

18 अक्टूबर: कुंजापुरी मेले में आखिर हुआ क्या था?

दरअसल पूरा विवाद 18 अक्टूबर की रात टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal) के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले (Maa Kunjapuri Tourism and Development Fair) से शुरू हुआ। नवरात्र के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे।

इसी दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए। वायरल वीडियो में वह दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर नाराजगी जताते और उनसे सवाल करते नजर आए। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब दलेर ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं तो गाना कैसे गाएंगे। इसके बाद मामला मंच पर ही गरमा गया।

बाद में सुबोध उनियाल ने दावा किया कि दलेर मेहंदी ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे और उन्हें लगा कि वह लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि दलेर नशे में थे। हालांकि दलेर मेहंदी के शराब के नशे में होने की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई। इसलिए इस आरोप को आरोप के तौर पर ही देखा गया।

19 अक्टूबर: वीडियो वायरल हुआ और विवाद बढ़ गया

वहीं मंच पर मंत्री और दलेर मेहंदी के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद विवाद सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा और बॉलीवुड (Bollywood) तथा म्यूजिक इंडस्ट्री (Music Industry) में भी इस पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

मंत्री का कहना था कि कार्यक्रम में बड़ी रकम खर्च कर कलाकार को बुलाया गया था और दर्शकों को अपेक्षित प्रस्तुति मिलनी चाहिए थी। दूसरी तरफ दलेर के समर्थन में सामने आए लोगों ने सवाल उठाया कि अगर परफॉर्मेंस को लेकर शिकायत थी तो उसे मंच पर सार्वजनिक रूप से उठाने के बजाय निजी तौर पर भी रखा जा सकता था।

20 अक्टूबर: मंत्री ने अपने कदम का बचाव किया

जिसके बाद ये विवाद बढ़ने के बाद सुबोध उनियाल ने अपने रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका दलेर मेहंदी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उनका कहना था कि उन्हें लगा कि दलेर अपनी प्रस्तुति ठीक से नहीं दे पा रहे थे।

मंत्री ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और इतनी बड़ी रकम देकर बुलाए गए कलाकार से अच्छी प्रस्तुति की उम्मीद स्वाभाविक है। बाद के बयानों में उन्होंने रकम करीब 36 लाख रुपये बताई। इसलिए इस राशि को खबर में मंत्री के दावे के रूप में रखना उचित है।

उनियाल का तर्क था कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो उन्हें आयोजकों को पहले जानकारी देनी चाहिए थी या कार्यक्रम करने से मना कर देना चाहिए था।

फिर आया मीका सिंह का मोर्चा

वहीं मंत्री के आरोपों के बाद दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह खुलकर उनके समर्थन में आ गए।

मीका ने कहा कि दलेर शराब नहीं पीते हैं और वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। मीका के मुताबिक उनके भाई की हाल में सर्जरी भी हुई थी और इसके बावजूद वह अपनी प्रोफेशनल कमिटमेंट (Professional Commitment) पूरी करने के लिए मंच पर पहुंचे थे।

मीका ने मंत्री से माफी की मांग की और कहा कि अगर कोई दलेर के शराब पीने का आरोप साबित कर दे तो वह गायन छोड़ने तक की बात मानने को तैयार हैं। मीका का सवाल यह भी था कि अगर दलेर की तबीयत खराब थी तो उनकी स्थिति को समझने की कोशिश की जानी चाहिए थी।

कपिल शर्मा से अनुपम खेर तक, सितारों ने क्या कहा?

वहीं ये विवाद बढ़ने के साथ कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। कपिल शर्मा (Kapil Sharma), बादशाह (Badshah), हरदीप कौर (Harshdeep Kaur), अलीशा चिनॉय (Alisha Chinai) समेत कई अन्य कलाकारों ने भी इस मामले में प्रमुख रूप से समर्थन जताया।

कपिल शर्मा ने दलेर की सेहत और उनकी सर्जरी का जिक्र करते हुए लोगों से संवेदनशीलता बरतने की अपील की। वहीं अनुपम खेर (Anupam Kher) ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को करीब 20-30 साल से जानते हैं और उनकी जानकारी के मुताबिक दलेर शराब नहीं पीते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर परफॉर्मेंस में कोई समस्या थी तो उसे मंच पर सार्वजनिक तरीके से कहने के बजाय सम्मान के साथ संभाला जा सकता था।

हरदीप कौर ने दलेर को लेजेंड बताते हुए कहा कि वह सामान्य तौर पर मंच पर सिर्फ गाते नहीं बल्कि अपनी एनर्जी से पूरा माहौल बदल देते हैं। कई दूसरे कलाकारों ने भी सार्वजनिक रूप से किसी वरिष्ठ कलाकार को इस तरह टोकने के तरीके पर सवाल उठाए।

लेकिन सोना मोहापात्रा ने उठाया दूसरा पक्ष

इस विवाद में गायिका सोना मोहापात्रा (Sona Mohapatra) की प्रतिक्रिया थोड़ी अलग रही। उन्होंने कलाकारों के सम्मान की बात तो कही, लेकिन साथ ही प्रोफेशनल जवाबदेही (Professional Accountability) का मुद्दा भी उठाया।

सोना ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि किसी कलाकार की बड़ी पहचान या पुराना रिकॉर्ड यह नहीं तय कर सकता कि उसे हर स्थिति में जवाबदेही से मुक्त कर दिया जाए। हालांकि उन्होंने दलेर मेहंदी की सार्वजनिक बेइज्जती का समर्थन नहीं किया।

यानी विवाद में एक पक्ष यह कह रहा था कि कलाकार की तबीयत खराब हो सकती है और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गलत है, जबकि दूसरा पक्ष यह सवाल उठा रहा था कि आयोजकों और दर्शकों के प्रति कलाकार की जिम्मेदारी भी होनी चाहिए।

21-22 अक्टूबर: मामला कलाकार बनाम मंत्री से आगे बढ़ा

जैसे-जैसे प्रतिक्रियाएं बढ़ीं, विवाद राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर पहुंच गया। मंत्री अपने बयान पर कायम रहे। उनका कहना था कि उन्हें दलेर की तबीयत खराब होने की जानकारी बाद में मिली और अगर कलाकार अस्वस्थ था तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी।

वहीं दलेर के समर्थन में यह तर्क दिया गया कि किसी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति देखकर उसके शराब पीने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यही बन गया कि क्या किसी परफॉर्मेंस से असंतुष्ट होने पर किसी जनप्रतिनिधि का मंच पर जाकर कलाकार को सार्वजनिक रूप से टोकना उचित था।

23 अक्टूबर: CM धामी की हुई एंट्री

मामला शांत कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने पहले मीका सिंह से और फिर दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत की।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान अतिथि देवो भवः (Atithi Devo Bhava), संस्कृति और कलाकारों के सम्मान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ा जाए।

मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के रवैये की तारीफ की, लेकिन उनकी मांग साफ रही कि सुबोध उनियाल को खुद दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए।

24 अक्टूबर: मंत्री ने कहा- ‘हमने तो शुरुआत ही नहीं की थी’

मुख्यमंत्री की पहल के बावजूद 24 अक्टूबर तक सुबोध उनियाल अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने सवाल किया कि अगर दलेर इतने बड़े कलाकार नहीं होते तो उन्हें करीब 36 लाख रुपये का ऑफर क्यों मिलता।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी कलाकार की तबीयत खराब है तो आयोजकों या जनता को इसकी जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि किसी के चेहरे पर यह नहीं लिखा होता कि उसकी तबीयत खराब है। जब उनसे माफी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपने बयान पर कोई स्पष्ट माफी नहीं मांगी।

यहीं से यह सवाल और बड़ा हो गया कि क्या मंत्री अपने बयान से पीछे हटेंगे या विवाद और लंबा चलेगा।

25 अक्टूबर: आखिरकार मंत्री ने दलेर मेहंदी से माफी मांगी

अब इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मोड़ 25 अक्टूबर को आया। सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत की और माफी मांगी।

मंत्री की माफी के बाद मीका सिंह की टीम ने बयान जारी कर इसका स्वागत किया। टीम ने कहा कि दलेर मेहंदी एक वरिष्ठ कलाकार हैं और हर कलाकार सम्मान का हकदार है। टीम ने उम्मीद जताई कि अब इस मामले को पीछे छोड़कर सभी आपसी सम्मान और समझ के साथ आगे बढ़ेंगे।

इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंत्री की ओर से माफी की बात दलेर और मीका तक पहुंचा चुके थे। धामी ने दोनों भाइयों को उत्तराखंड आने का न्योता भी दिया है और उनके वहां फिर से परफॉर्म करने की संभावना जताई गई है।

दलेर मेहंदी की तरफ से अब तक क्या कहा गया?

पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि दलेर मेहंदी ने खुद इस मामले पर कोई बड़ा सार्वजनिक बयान नहीं दिया। उनके परिवार और भाई मीका सिंह ने उनकी तरफ से मोर्चा संभाला।

25 अक्टूबर को दलेर के बेटे गुरदीप मेहंदी (Gurdeep Mehndi) ने भी परिवार की स्थिति पर बात की। उन्होंने बताया कि विवाद के दौरान परिवार तनाव में था और वह अपने पिता से मिलने के लिए वापस आए। उन्होंने अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर कहा कि दलेर ने उन्हें खुद को ठीक बताया था। बाद में उन्होंने अपनी पहले की हल्की-फुल्की टिप्पणी को लेकर भी सफाई दी।

अब विवाद में आगे क्या?

फिलहाल सबसे बड़ा घटनाक्रम यह है कि मंत्री सुबोध उनियाल ने खुद दलेर मेहंदी से फोन पर माफी मांग ली है। मीका सिंह की टीम ने भी इसे स्वीकार करते हुए मामले को आगे नहीं खींचने के संकेत दिए हैं।

इसलिए फिलहाल विवाद के शांत होने की संभावना ज्यादा है। हालांकि मंच पर लगाए गए शराब और लिप-सिंकिंग के आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ मंत्री का मूल तर्क यह रहा कि कलाकार को अपनी स्वास्थ्य स्थिति आयोजकों को पहले बतानी चाहिए थी और दर्शकों के पैसे तथा कार्यक्रम की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

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