अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज, बोले- नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, क्योंकि असली संसद में ऐसा नहीं हो पाएगा। अमित शाह ने कांग्रेस पर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध के बहाने कथित घुसपैठियों को बचाने का आरोप भी लगाया।
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, क्योंकि असली संसद में ऐसा नहीं हो पाएगा। अमित शाह ने कांग्रेस पर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध के बहाने कथित घुसपैठियों को बचाने का आरोप भी लगाया।
हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में चर्चा करने के बजाय हंगामा करता है और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करता है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना चाहिए।
‘नकली संसद में प्रधानमंत्री बन जाइए’, राहुल गांधी पर तंज
अमित शाह ने कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “नकली संसद में आप एक बार प्रधानमंत्री बन जाओ, क्योंकि असली संसद में वो नहीं बन पाएंगे। मॉक पार्लियामेंट में बन जाएंगे। सोनिया गांधी के हृदय को शांति हो जाएगी।” गृह मंत्री ने आगे कहा कि राहुल गांधी इस तरह चुनाव नहीं जीत सकते। उन्हें जनता की समस्याओं को समझना होगा और उनके समाधान के लिए काम करना होगा। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संविधान हाथ में लेकर चलते हैं, लेकिन उसके दायित्वों का निर्वहन नहीं करते। उन्होंने संसद की कार्यवाही बाधित करने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
विशेष सत्र बुलाने की चुनौती, बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार
अमित शाह ने संसद में चर्चा को लेकर विपक्ष को चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और विपक्षी दल किसी मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो सरकार विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “मैं चैलेंज देता हूं, हम विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं। आ जाइए, चर्चा कीजिए। मगर वो चर्चा नहीं करेंगे।” गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा करने के बजाय हंगामा करके सुर्खियों में बने रहना चाहता है। उन्होंने कहा कि अगर संसद में चर्चा होगी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।
SIR को लेकर कांग्रेस पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप
हैदराबाद में अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने SIR के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने राहुल गांधी की दिल्ली में हुई रैली का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस इसे ‘वोट बचाओ’ रैली बता रही थी, जबकि उनके मुताबिक यह घुसपैठियों को बचाने की रैली थी। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR की प्रक्रिया को रोककर मतदाता सूची में कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी देश की मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिए का नाम हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया का विरोध करने से सरकार अपना रुख नहीं बदलेगी। हालांकि, घुसपैठियों और मतदाता सूची में नामों को लेकर लगाए गए आरोपों को अमित शाह का राजनीतिक दावा समझना चाहिए।
वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम हटने के आरोप पर दिया जवाब
राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप पर भी अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस आंकड़े को गलत बताते हुए नाम हटाए जाने के अलग-अलग कारण गिनाए। अमित शाह के मुताबिक, करीब 6.25 करोड़ मतदाता ऐसे थे, जो दूसरी जगह रहने चले गए थे। लगभग 2.8 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। करीब एक करोड़ नाम डुप्लीकेट एंट्री के कारण सूची में थे। इसके अलावा तीन करोड़ ऐसे नाम थे, जिनके बारे में अमित शाह ने दावा किया कि वे वास्तविक मतदाताओं के नहीं, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के थे। गृह मंत्री ने इन आंकड़ों के आधार पर राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया। हालांकि, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की वास्तविक संख्या, उनके कारण और कथित घुसपैठियों से जुड़े दावों का आकलन संबंधित चुनावी आंकड़ों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।
हैदराबाद से कांग्रेस और विपक्ष को घेरा
बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों, संसद की कार्यवाही और SIR जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
इस दौरान राहुल गांधी पर उनकी टिप्पणी और मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे। SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, घुसपैठ और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।



