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धनतेरस से पहले सोना-चांदी हुआ सस्ता, सोने में 3,300 और चांदी में 10 हजार रुपये की गिरावट

Gold Price Today: धनतेरस और दीपावली से पहले अगर आप सोने-चांदी की खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो सर्राफा बाजार से आपके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सप्ताह की शुरुआत में ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को सोने के भाव में जहां प्रति 10 ग्राम करीब 2,900 से 3,300 रुपये तक की कमी आई है, वहीं चांदी भी एक झटके में 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस के अवसर पर सोने के आभूषण, सिक्के या चांदी के बर्तन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

Gold Price Today: धनतेरस और दीपावली से पहले अगर आप सोने-चांदी की खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो सर्राफा बाजार से आपके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सप्ताह की शुरुआत में ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को सोने के भाव में जहां प्रति 10 ग्राम करीब 2,900 से 3,300 रुपये तक की कमी आई है, वहीं चांदी भी एक झटके में 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस के अवसर पर सोने के आभूषण, सिक्के या चांदी के बर्तन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

दरअसल, त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। धनतेरस को विशेष रूप से सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुएं खरीदने के लिए शुभ माना जाता है। ऐसे में बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए काफी मायने रखता है। इस बार धनतेरस से पहले कीमती धातुओं के दाम में आई गिरावट ने बाजार की हलचल बढ़ा दी है।

24 कैरेट सोने की कीमत में 3,300 रुपये तक की गिरावट

सबसे पहले बात करें 24 कैरेट सोने की, तो शुक्रवार को इसकी कीमत प्रति 10 ग्राम 1,42,260 रुपये से लेकर 1,42,410 रुपये के बीच बनी हुई थी। लेकिन सोमवार को इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली और भाव घटकर 1,38,880 रुपये से 1,39,520 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस तरह शुक्रवार के मुकाबले 24 कैरेट सोना करीब 2,900 से 3,300 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट को त्योहारों से पहले खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के कारण सोने के अंतिम खरीद मूल्य में अंतर हो सकता है।

22 कैरेट सोना भी हुआ सस्ता, ग्राहकों को मिलेगी राहत

आभूषण खरीदने वाले ज्यादातर ग्राहक 22 कैरेट सोने को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि इसका इस्तेमाल सामान्य तौर पर सोने के गहने बनाने में किया जाता है। ऐसे ग्राहकों के लिए भी सोमवार को अच्छी खबर सामने आई। शुक्रवार को 22 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,30,410 रुपये से 1,30,540 रुपये के बीच था। वहीं, सोमवार को इसकी कीमत घटकर 1,27,310 रुपये से 1,27,890 रुपये के स्तर पर आ गई। यानी 22 कैरेट सोने में भी प्रति 10 ग्राम करीब 2,600 से 3,100 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि अगर कोई ग्राहक 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की खरीदारी करता है, तो शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को उसे कम कीमत चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, आभूषणों की खरीदारी के समय जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ेंगे। इसलिए ग्राहकों को केवल सोने के बाजार भाव के आधार पर ही खरीदारी का पूरा खर्च नहीं समझना चाहिए।

चांदी की कीमतों में भी 10 हजार रुपये की बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी खरीदने वालों के लिए भी बाजार से राहत भरी खबर है। चांदी की कीमतों में सोमवार को एक ही दिन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को देश के अधिकतर शहरों में चांदी का भाव करीब 2,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। वहीं, सोमवार को इसकी कीमत घटकर 2,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। यानी चांदी के भाव में सीधे 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई है। अगर 10 ग्राम चांदी की कीमत की बात करें, तो शुक्रवार के भाव के हिसाब से इसकी कीमत करीब 2,100 रुपये थी, जो सोमवार को घटकर लगभग 2,000 रुपये रह गई। इस तरह चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को भी पहले के मुकाबले राहत मिल रही है।

चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। धनतेरस और दीपावली के दौरान चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, बर्तन और सजावटी सामान खरीदने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट त्योहारों की खरीदारी के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि त्योहारों के इतने करीब सोने और चांदी की कीमतों में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों देखने को मिल रही है? इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते हालात, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं प्रमुख वजह मानी जा रही हैं।

दरअसल, मौजूदा समय में भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। क्रूड ऑयल की कीमतें 111 से 113 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आने से परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर दुनिया के अलग-अलग देशों में महंगाई पर पड़ सकता है। महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व यानी यूएस फेड की मौद्रिक नीति पर टिकी हुई है। बाजार को उम्मीद थी कि दिसंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने इन उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। अब ब्याज दरों में कटौती के बजाय उन्हें ऊंचे स्तर पर बनाए रखने या बढ़ाने की आशंका भी जताई जा रही है।

ब्याज दरों का सोने की कीमतों से क्या है कनेक्शन?

सोने की कीमतों और ब्याज दरों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध होता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो निवेशकों के लिए बॉन्ड और बैंक से मिलने वाला रिटर्न अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो सकता है। ऐसे में वे सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

इसके उलट जब ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं या उनमें बढ़ोतरी की आशंका होती है, तो निवेशकों को बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश विकल्पों में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद होती है। ऐसे में कुछ निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे साधनों में निवेश करने लगते हैं। यही वजह है कि ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा समय में भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नीतियों को लेकर निवेशकों की रणनीति बदल रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।

इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा पड़ सकता है, जिससे इसकी मांग पर दबाव बनता है।

क्या धनतेरस से पहले खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा?

सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद कई ग्राहकों के मन में सवाल है कि क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा? दरअसल, कीमतों में आई गिरावट से उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जिन्होंने पहले से धनतेरस के लिए खरीदारी का बजट तय कर रखा है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव इसी स्तर पर बने रहें। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

अगर आप धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें। साथ ही हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदें और बिल अवश्य लें। सोने के गहनों पर मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्कों की जानकारी भी पहले ही प्राप्त कर लें।

कुल मिलाकर, धनतेरस से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट ग्राहकों के लिए राहत का मौका लेकर आई है। हालांकि, बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि कीमतों में आगे और गिरावट आएगी या फिर दोबारा तेजी देखने को मिलेगी। ऐसे में खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत, बजट और बाजार के ताजा भाव को ध्यान में रखकर करना बेहतर रहेगा।

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