‘बोलने की आजादी छीनी जा रही है’, ममता बनर्जी ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों नागरिकों की बोलने और अपनी बात रखने की आजादी प्रभावित हो रही है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी सरकार संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मिले अधिकारों की परवाह नहीं कर रही है।
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों नागरिकों की बोलने और अपनी बात रखने की आजादी प्रभावित हो रही है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी सरकार संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मिले अधिकारों की परवाह नहीं कर रही है।
छात्रों और डिजिटल क्रिएटर्स के समर्थन में उतरीं ममता
ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में कहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सेंसरशिप की प्रवृत्ति बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों, युवाओं, सोशल मीडिया यूजर्स, व्लॉगर्स, यूट्यूबर्स और स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को अपनी बात स्वतंत्र रूप से रखने का अवसर मिलना चाहिए। ममता ने लोगों से सेंसरशिप की कथित प्रवृत्ति के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।
सोशल मीडिया कार्रवाई के बजाय पूर्वोत्तर पर ध्यान देने की अपील
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पूर्वोत्तर भारत की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने देशभर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सियांग बांध परियोजना के विरोध के बीच आया बयान
ममता बनर्जी का यह बयान अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग बांध परियोजना के विरोध के बीच आया है। इस परियोजना का स्थानीय आदि समुदाय विरोध कर रहा है। प्रस्तावित परियोजना को लेकर 23 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई थी। इसके बाद इलाके में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की तैनाती की गई।
फिलहाल, ममता बनर्जी के बयान ने अभिव्यक्ति की आजादी, सोशल मीडिया पर सरकारी कार्रवाई और पूर्वोत्तर में जारी विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई विवरण नहीं दिया गया है।



