Lucknow Triple Murder: आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर, LDA ने सील करने के बाद गिराई बाउंड्रीवॉल
Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में तीन लोगों की हत्या के मामले में आरोपियों के मकान पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मकान को सील करने के बाद उसकी बाउंड्रीवॉल गिरा दी। प्राधिकरण के मुताबिक, मकान का निर्माण बिना स्वीकृत भवन मानचित्र के किया गया था। कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ लोगों ने ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में तीन लोगों की हत्या के मामले में आरोपियों के मकान पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मकान को सील करने के बाद उसकी बाउंड्रीवॉल गिरा दी। प्राधिकरण के मुताबिक, मकान का निर्माण बिना स्वीकृत भवन मानचित्र के किया गया था। कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ लोगों ने ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
यह कार्रवाई 26 अक्टूबर को कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद हुई। मृतकों की पहचान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बिना नक्शा पास कराए बना था मकान: LDA
LDA के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के अनुसार, प्राधिकरण ने पहले आरोपियों के मकान को सील किया और इसके बाद उसकी बाउंड्रीवॉल गिराई। उन्होंने बताया कि भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था, इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, मृतक परिवार के सदस्यों और स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि मकान नजूल की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है। उन्होंने पूरे मकान को बुलडोजर से गिराने की मांग की थी। हालांकि, LDA की ओर से बताई गई कार्रवाई की वजह भवन मानचित्र का स्वीकृत न होना है। नजूल भूमि पर कब्जे के आरोप की पुष्टि प्राधिकरण के इस बयान से नहीं होती।
पार्किंग विवाद के बाद हुई थी तीन लोगों की हत्या
सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला में सोमवार सुबह एक खाली प्लॉट पर कार खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी (55) और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी (30) की मौत हो गई। शिवाजी तिवारी RSS में लखनऊ के जिला सह-कार्यवाह थे। घटना के बाद बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सआदतगंज थाने के पूरे स्टाफ को हटाने, आरोपियों को मौत की सजा देने और उनके मकान को गिराने की मांग उठाई।
छह आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस ने मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला, सतीश शुक्ला, गिरीश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला उर्फ छुन्ना, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ऋषभ के पास से एक अवैध पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की गईं। अदिति के पास से आईफोन-17 मिलने की भी जानकारी दी गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के बाद सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया गया।
डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार को दिया आश्वासन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की संभावना, पीड़ित परिवार को जीवनभर सुरक्षा, परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में अधिकारी स्तर की नौकरी और मृतक की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन भी दिया।
फिलहाल, हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी है। वहीं, LDA की कार्रवाई के बाद इस मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है।



