अजय राय ने हाथ जोड़कर मांगी माफी, बोले- कांग्रेस में हूं और कहीं नहीं जा रहा
Ajay Rai Apology: लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद के बाद अजय राय ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अगर उनके लोगों ने किसी के साथ बदतमीजी या गाली-गलौज की है, तो वह हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं। अजय राय ने साफ कहा कि वह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और पार्टी की ओर से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन करेंगे।
Ajay Rai Apology: लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद के बाद अजय राय ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अगर उनके लोगों ने किसी के साथ बदतमीजी या गाली-गलौज की है, तो वह हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं। अजय राय ने साफ कहा कि वह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और पार्टी की ओर से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर अजय राय ने कहा कि उन्हें इसका कोई दुख नहीं है। उनके मुताबिक, राजनीति में कोई भी पद हमेशा के लिए नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों के लिए काम किया और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहे।
‘कांग्रेस में हूं, कहीं नहीं जा रहा’
दूसरी पार्टी में जाने की अटकलों पर अजय राय ने विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छे नेता हैं और उन्हें इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि वह संघर्ष करने और लड़ने वाले व्यक्ति हैं। अजय राय ने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर तीन साल से ज्यादा समय तक काम करने का जिक्र करते हुए कहा कि किसी पद पर बने रहना या उससे हटना पार्टी का फैसला होता है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी पार्टी के निर्देशों के मुताबिक काम करते रहेंगे।
वाराणसी से सांसद बनना बताया सपना
अजय राय ने कहा कि उन्होंने कभी किसी का अपमान नहीं किया और न ही किसी के खिलाफ पीठ पीछे टिप्पणी की। उन्होंने वाराणसी से सांसद बनने को अपना सपना बताया। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के पीछे समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की भूमिका होने की अटकलों पर भी उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि इस फैसले में गठबंधन का कोई रोल है।
भाई की हत्या के मामले में सरकार पर निशाना
अजय राय ने अपने भाई की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनके भाई की हत्या के मामले में सजा का श्रेय ले रही है, तो कृष्णानंद राय हत्याकांड में गवाहों के पलटने और मुख्तार अंसारी के बरी होने जैसे मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।
अजय राय के बयान से साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी वह कांग्रेस में बने रहने की बात कह रहे हैं। उन्होंने माफी मांगते हुए पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि आगे भी संगठन के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।



