राजनीति

ओवैसी बोले-कब तक ‘भैया’ पर जवानी कुर्बान करेंगे? सपा की राजनीति पर उठाए सवाल

Asaduddin Owaisi: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने अखिलेश के ‘रावण’ वाले बयान पर पलटवार किया। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर मुस्लिमों की राजनीतिक हिस्सेदारी पर कब्जा करने का आरोप लगाया।

Asaduddin Owaisi: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने अखिलेश के ‘रावण’ वाले बयान पर पलटवार किया। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर मुस्लिमों की राजनीतिक हिस्सेदारी पर कब्जा करने का आरोप लगाया।

‘क्या मोदी को रावण कहेंगे अखिलेश?’

ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने बयान के जरिए उन पर निशाना साधा और उन्हें रावण से जोड़ दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी रावण कहने की हिम्मत दिखाएंगे? ओवैसी ने दावा किया कि अगर अखिलेश यादव ऐसा बयान देते हैं, तो उनसे रिवर फ्रंट और एक्सप्रेसवे जैसे मुद्दों पर सवाल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी राजनीतिक बहस हो सकती है।

मुस्लिमों की राजनीतिक हिस्सेदारी पर उठाए सवाल

सभा में ओवैसी ने बदायूं और फिरोजाबाद लोकसभा सीटों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव के परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सीटों पर पहले मुस्लिम नेता सांसद बनते थे, वहां बाद में अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम मतदाताओं का काम केवल दूसरे परिवारों के सदस्यों को सांसद और विधायक बनाना है? उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व के बारे में भी सोचना चाहिए।

‘कब तक भैया पर जवानी कुर्बान करेंगे?’

ओवैसी ने समाजवादी पार्टी की चुनावी राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय लोगों से बार-बार ‘भैया पर जवानी कुर्बान करने’ की अपील की जाती है। उन्होंने पूछा कि आखिर लोग कब तक ऐसा करते रहेंगे? कैराना की इस जनसभा में ओवैसी ने मुस्लिमों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, परिवारवाद और समाजवादी पार्टी की रणनीति को लेकर कई सवाल उठाए। उनके बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

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