बीजेपी नेताओं के साथ वायरल तस्वीर पर सपा नेता डॉ. एसटी हसन की सफाई : बोले- ‘ट्रेन लेट थी, इत्तेफाक से हुई मुलाकात!’
ST Hasan viral photo: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर तस्वीरों के जरिए नए सियासी कयासों का दौर शुरू हो गया है! समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रही है। इस वायरल फोटो के सामने आने के बाद जब सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हुई, तो खुद एसटी हसन ने सामने आकर इस पूरी मुलाकात का सच बताया है, आइए जानते हैं उन्होंने क्या सफाई दी है।
ST Hasan viral photo: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर तस्वीरों के जरिए नए सियासी कयासों का दौर शुरू हो गया है! समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रही है। इस वायरल फोटो के सामने आने के बाद जब सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हुई, तो खुद एसटी हसन ने सामने आकर इस पूरी मुलाकात का सच बताया है, आइए जानते हैं उन्होंने क्या सफाई दी है।
वायरल तस्वीर पर गरमाई सियासत
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की कुछ बीजेपी नेताओं के साथ सामने आई तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। फोटो वायरल होने के बाद तरह-तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे थे, जिस पर अब खुद एसटी हसन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूरी सच्चाई बयां की है।
क्या था वायरल तस्वीर के पीछे का सच?
डॉ. एसटी हसन ने अपनी सफाई में पूरा घटनाक्रम साझा करते हुए बताया कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक साजिश या गुप्त बैठक का हिस्सा नहीं थी, बल्कि एक इत्तेफाक था। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को वह रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और किसी कारणवश ट्रेन लेट हो गई थी। एसटी हसन उस वक्त रेलवे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग रूम में बैठे थे। इसी दौरान प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता भूपेंद्र चौधरी और मुरादाबाद के बीजेपी विधायक रितेश गुप्ता भी अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए उसी वीआईपी वेटिंग रूम में आ पहुंचे। पूर्व सांसद ने कहा कि जब बीजेपी नेता वहां पहुंचे, तो उन्हें देखकर बिना बात किए उठकर चले जाना उन्हें मुनासिब नहीं लगा। शिष्टाचार के नाते वे वहीं बैठे रहे और इसी दौरान की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
राजनीतिक मतभेद का मतलब यह नहीं कि व्यक्तिगत रिश्ते खराब हों
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए डॉ. एसटी हसन ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और सियासी लड़ाइयां अपनी जगह हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि राजनेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध या आपसी शिष्टाचार ही खत्म हो जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं का एक-दूसरे से मिलना-जुलना आम बात है और राजनीतिक विरोध के बावजूद मानवीय रिश्ते बनाए रखना गलत नहीं है।
कयासों पर विराम लगाने की कोशिश
भले ही इस वायरल तस्वीर के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हों, लेकिन एसटी हसन की इस सफाई के बाद यह साफ हो गया है कि यह मुलाकात पूरी तरह एक संयोग मात्र थी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस तस्वीर के अलग-अलग मायने निकालने से बाज नहीं आ रहे हैं, लेकिन पूर्व सांसद के बयान ने फिलहाल इस पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।
बहरहाल, सियासत में एक छोटी सी तस्वीर भी बड़ा भूचाल लाने के लिए काफी होती है। एसटी हसन ने भले ही इसे महज एक इत्तेफाक बताया हो, लेकिन इस मुलाकात पर चर्चाओं का बाजार अभी भी गर्म है।



