हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, बिना वोटिंग मिली जीत
Hardeep Singh Puri: मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक खाली सीट पर हुए उपचुनाव में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। गुरुवार को नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की और निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। पुरी के निर्विरोध चुने जाने के साथ ही उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई। खास बात यह रही कि इस चुनाव में मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
Hardeep Singh Puri: मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक खाली सीट पर हुए उपचुनाव में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। गुरुवार को नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की और निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। पुरी के निर्विरोध चुने जाने के साथ ही उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई। खास बात यह रही कि इस चुनाव में मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
दरअसल, राज्यसभा की इस सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो अन्य उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दोनों उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए। इसके बाद पुरी ही चुनाव मैदान में अकेले रह गए थे। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख बीतने के बाद उनका निर्विरोध निर्वाचन घोषित कर दिया गया। ऐसे में 12 नवंबर को प्रस्तावित मतदान की प्रक्रिया भी निरस्त हो गई।
दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र हुए खारिज
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कुल तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कान्ते सयान्ना और राजकुमार लोहानी शामिल थे। राजकुमार लोहानी को विपक्षी कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। विपक्ष की ओर से उन्हें उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने की कोशिश की गई थी।
लेकिन नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कान्ते सयान्ना और राजकुमार लोहानी के पर्चे निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए और दोनों के नामांकन खारिज कर दिए गए। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी के सामने कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं बचा। चूंकि चुनाव में केवल एक ही वैध उम्मीदवार रह गया था, इसलिए मतदान कराने की आवश्यकता समाप्त हो गई। नामांकन वापसी की समयसीमा पूरी होते ही रिटर्निंग ऑफिसर ने पुरी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। इस तरह भाजपा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की इस सीट पर अपना उम्मीदवार निर्विरोध जिताने में सफलता हासिल की।
भाजपा नेताओं ने प्राप्त किया निर्वाचन प्रमाण पत्र
हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के नेताओं ने निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पार्टी विधायक रामेश्वर शर्मा और अन्य नेताओं के साथ रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुरी की ओर से निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
इस दौरान हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा की खाली सीट के लिए हुए उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और इसे भाजपा के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद हेमंत खंडेलवाल और भाजपा के प्रदेश संगठन महासचिव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पुरी के निर्विरोध निर्वाचन की जानकारी दी। पार्टी नेताओं की इस मुलाकात को राज्यसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक राजनीतिक गतिविधि के तौर पर देखा गया।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी राज्यसभा सीट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन इस्तीफे के कारण कार्यकाल पूरा होने से पहले ही यह सीट रिक्त हो गई। इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। भाजपा ने इस उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया। पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में पुरी ने नामांकन दाखिल किया था। वहीं, विपक्ष की ओर से भी उम्मीदवार उतारने की कोशिश हुई, लेकिन जांच के दौरान दोनों अन्य उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के कारण मुकाबला नहीं हो सका। अब निर्विरोध निर्वाचन के साथ हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचेंगे। इस उपचुनाव में मतदान की नौबत नहीं आई और भाजपा उम्मीदवार ने बिना मुकाबले जीत हासिल कर ली।
क्यों अहम है हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध निर्वाचन?
हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध निर्वाचन भाजपा के लिए मध्य प्रदेश में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी भूमिका पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण है। अब राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व मिलने से उनकी संसदीय भूमिका भी इस राज्य से जुड़ जाएगी।
इस पूरे चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि विपक्ष समर्थित उम्मीदवार का नामांकन भी खारिज हो गया और भाजपा उम्मीदवार के सामने कोई वैध प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा। नतीजतन, जिस उपचुनाव के लिए 12 नवंबर को मतदान प्रस्तावित था, वह बिना वोटिंग के ही संपन्न हो गया।



