गन्ने का रेट ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग पर अड़े किसान, अजबापुर चीनी मिल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
लखीमपुर खीरी की अजबापुर चीनी मिल में किसानों ने गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।

लखीमपुर खीरी। अजबापुर चीनी मिल परिसर में गन्ने के उचित मूल्य की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। रविवार, 2 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से किसानों ने चीनी मिल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में शामिल किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि गन्ने के रेट में ठोस बढ़ोतरी करनी होगी।
धरना स्थल पर किसानों और नेताओं ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जाहिर की। किसान नेताओं ने पूर्ववर्ती सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा सरकार के कार्यकाल में गन्ने के मूल्य में ₹120 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे किसानों को राहत मिली थी। वहीं, वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में गन्ने के मूल्य में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने से किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।
खेती की बढ़ती लागत से परेशान किसान
किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में खेती की लागत लगातार बढ़ी है। डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर होने वाला खर्च किसानों की कमर तोड़ रहा है। ऐसे में मौजूदा गन्ना मूल्य पर खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत और लागत के अनुसार उचित मूल्य मिल सके।
गन्ने की आपूर्ति रोकने की चेतावनी
धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मांग पूरी होने तक चीनी मिल में गन्ने की एक भी ट्रॉली या बुग्गी प्रवेश नहीं करने दी जाएगी। किसानों ने इसे अपने हक, सम्मान और भविष्य की लड़ाई बताया है।
प्रशासन और मिल प्रबंधन की बढ़ी चिंता
अजबापुर चीनी मिल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने के बाद धरना स्थल पर किसानों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासनिक अमले और चीनी मिल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। किसान अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह लामबंद नजर आ रहे हैं।
फिलहाल किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक गन्ने का रेट ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा। अब देखना होगा कि प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।