संविधान, UGC और SIR पर बीजेपी की नई रणनीति, 24 प्रकोष्ठों को सौंपी गई जिम्मेदारी
BJP 24 Cells: संविधान, यूजीसी और एसआईआर जैसे मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों और नैरेटिव का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अब बीजेपी के 24 प्रकोष्ठ वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे। पार्टी ने इन प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सदस्यों को विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने और समाज के अलग-अलग वर्गों तक सही जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
BJP 24 Cells: संविधान, यूजीसी और एसआईआर जैसे मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों और नैरेटिव का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। अब बीजेपी के 24 प्रकोष्ठ वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे। पार्टी ने इन प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सदस्यों को विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने और समाज के अलग-अलग वर्गों तक सही जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
सोमवार को हुई बैठक में राष्ट्रीय समन्वयक वीडी शर्मा और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने सभी 24 प्रकोष्ठों के संयोजक, सह संयोजक और सदस्यों के साथ चर्चा की। बैठक में प्रकोष्ठों की भूमिका, उनकी जिम्मेदारियों और आगामी रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। पार्टी ने सभी प्रकोष्ठों को एक महीने की कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विपक्ष के आरोपों का तथ्यों से दिया जाएगा जवाब
बैठक में बीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संविधान, यूजीसी और एसआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए। इसके लिए प्रकोष्ठों के पदाधिकारी समाज के बीच जाकर संवाद करेंगे और लोगों तक पार्टी का पक्ष पहुंचाएंगे। पार्टी की रणनीति के तहत केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग सामाजिक और पेशेवर समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए सभी प्रकोष्ठों को अपने स्तर पर एक महीने की कार्ययोजना तैयार करने और नियमित रूप से गतिविधियां संचालित करने को कहा गया है।
अफवाहों पर तुरंत जवाब देने के निर्देश
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बैठक में अफवाहों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से लेकर समाज के हर वर्ग तक यदि कोई गलत जानकारी या अफवाह पहुंचती है, तो उसका तेजी से सही तथ्यों के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और लोगों के बीच संवाद बनाए रखें। पार्टी की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी मुद्दे पर भ्रम की स्थिति बनने से पहले सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
एसआईआर को लेकर घर-घर संपर्क करेंगे कार्यकर्ता
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी खास चर्चा हुई। धर्मपाल सिंह ने प्रकोष्ठों के सदस्यों को मतदाता सूची पर नजर रखने और घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने का सुझाव दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची की जांच करने को कहा। साथ ही यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कहीं बीजेपी समर्थकों के नाम तो नहीं कटे हैं। ऐसे मामले सामने आने पर संबंधित मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए गए। इस तरह एसआईआर को लेकर पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर निगरानी और जनसंपर्क की रणनीति तैयार की है। कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं की जानकारी जुटाने और जरूरतमंद मतदाताओं की मदद करने पर जोर दिया गया है।
हर वर्ग तक पहुंच बनाने में प्रकोष्ठों की अहम भूमिका
बीजेपी के राष्ट्रीय समन्वयक वीडी शर्मा ने प्रकोष्ठों की भूमिका को पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठों में शिक्षकों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, युवाओं, दुग्ध उत्पादकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के अलग-अलग वर्गों को शामिल किया गया है। उनके मुताबिक, इन प्रकोष्ठों के माध्यम से पार्टी को अलग-अलग पेशों और सामाजिक समूहों के लोगों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलता है। वीडी शर्मा ने बीजेपी की मुख्य संगठनात्मक इकाई की तुलना में प्रकोष्ठों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि पार्टी सर्वव्यापी है, लेकिन प्रकोष्ठ ही उसे सर्वस्पर्शी बनाते हैं।
सभी 24 प्रकोष्ठों के पदाधिकारी बैठक में हुए शामिल
इस बैठक में प्रदेश के सभी 24 प्रकोष्ठों के संयोजक, सह संयोजक और सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने की रणनीति पर चर्चा हुई। बीजेपी ने एक महीने की कार्ययोजना के जरिए इन प्रकोष्ठों को सक्रिय करने का लक्ष्य रखा है। आने वाले दिनों में प्रकोष्ठों के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क और संवाद अभियान चलाएंगे। पार्टी की इस पहल के तहत राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर भी संगठन की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी है।



