जामिया विवाद में कूदे विपक्षी नेता : समर्थन में पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी हिरासत में!
Jamia Millia Islamia: राजधानी दिल्ली की मशहूर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों की बहाली को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब सियासी अखाड़ा बन गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस बीच यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे विवादित नारों और सुरक्षा के कड़े पहरे ने मामले को और गंभीर बना दिया है, आइए जानते हैं इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Jamia Millia Islamia: राजधानी दिल्ली की मशहूर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों की बहाली को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब सियासी अखाड़ा बन गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस बीच यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे विवादित नारों और सुरक्षा के कड़े पहरे ने मामले को और गंभीर बना दिया है, आइए जानते हैं इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम की पूरी इनसाइड स्टोरी।
जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव पर बवाल
दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव (JMISU) की बहाली और चुनाव तारीखों के ऐलान की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी है। अब इस आंदोलन में विपक्षी नेताओं की भी एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
विपक्षी नेताओं की एंट्री और पुलिस एक्शन
शुक्रवार को छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद (रामपुर) मोहिबुल्लाह नदवी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इमरान मसूद का बयान
आजतक से बातचीत करते हुए इमरान मसूद ने साफ किया कि वे परिसर की दीवारों पर लिखे किसी भी विवादित पोस्टर या नारे का समर्थन नहीं करते। उन्होंने दो टूक कहा, “कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन प्रशासन छात्र संघ की बहाली क्यों नहीं कर रहा है?”
मोहिबुल्लाह नदवी के आरोप
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने आरोप लगाया कि जामिया का पूर्व छात्र होने के नाते जब वे छात्रों का हाल जानने और उनके हक में आवाज उठाने जा रहे थे, तो पुलिस ने रास्ते में रोककर उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। हालांकि, कुछ देर हिरासत में रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
दीवारों पर लिखे गए थे नारे
बीते दिनों जामिया परिसर की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे विवादित नारे लिखे मिले थे, जिससे यूनिवर्सिटी से लेकर राजनीतिक गलियारों तक भारी तनाव पैदा हो गया था। हालांकि, प्रशासन ने केमिकल का इस्तेमाल कर इन नारों को मिटा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन जगहों पर ये नारे लिखे गए थे, वहां के सीसीटीवी कैमरों के तार काटे गए थे। प्रशासन ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
कड़ा पहरा और जामिया प्रशासन का रुख
विवाद और तनाव को बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने जामिया की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी है। सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी को भी यूनिवर्सिटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
गौरतलब है कि जामिया में 12 अक्टूबर से छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। इस दौरान छात्राओं ने भी भारी संख्या में मार्च निकाला है। हालांकि प्रशासन ने छात्र संघ के नए संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित की है, लेकिन छात्र तुरंत चुनाव शेड्यूल जारी करने की अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग और उस पर राजनीतिक सियासत के बीच जामिया यूनिवर्सिटी का माहौल इस वक्त बेहद संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन और छात्रों के बीच तनातनी कब थमेगी, इस पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।



