डेंगू ने ली पति की जान, सदमे में पत्नी ने भी छोड़ा साथ… चार मासूम बच्चे हुए अनाथ!
Mainpuri News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक बेहद दिल दहला देने वाली और झकझोर कर रख देने वाली खबर सामने आई। डेंगू की चपेट में आने से एक 48 वर्षीय शख्स की मौत हुई, तो सदमे और बीमारी के बीच कुछ ही घंटों के भीतर उनकी पत्नी ने भी दुनिया छोड़ दी। एक ही परिवार के इस दुखों के पहाड़ ने पूरे गांव को रुला दिया है, आइए जानते हैं इस मर्मस्पर्शी घटना की पूरी दास्तान।
Mainpuri News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक बेहद दिल दहला देने वाली और झकझोर कर रख देने वाली खबर सामने आई। डेंगू की चपेट में आने से एक 48 वर्षीय शख्स की मौत हुई, तो सदमे और बीमारी के बीच कुछ ही घंटों के भीतर उनकी पत्नी ने भी दुनिया छोड़ दी। एक ही परिवार के इस दुखों के पहाड़ ने पूरे गांव को रुला दिया है, आइए जानते हैं इस मर्मस्पर्शी घटना की पूरी दास्तान।
मैनपुरी में दिल दहला देने वाली घटना
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के एलाऊ थाना क्षेत्र के कसद गांव से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां कुछ ही घंटों के भीतर एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह उजड़ गया। डेंगू जैसी गंभीर बीमारी और गहरे सदमे के कारण पति-पत्नी दोनों की एक ही रात में मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
कसद गांव के रहने वाले 48 वर्षीय मुकेश कुमार खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में उनकी पत्नी दीपा और चार बच्चे (तीन बेटे और एक बेटी) थे। 19 अक्टूबर को मुकेश कुमार को अचानक तेज बुखार आया, जिसके बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें आगरा रेफर किया गया। जांच में उनके डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई और उनका इलाज चल रहा था।
इत्तेफाक देखिए कि पति के साथ-साथ पत्नी दीपा को भी बुखार था और उनका इलाज आगरा के ही एक अन्य अस्पताल में चल रहा था।
चार घंटे के भीतर उजड़ गई गृहस्थी
बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे इलाज के दौरान मुकेश कुमार की सांसें थम गईं। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि पति की मौत की खबर जब अस्पताल में भर्ती पत्नी दीपा तक पहुंची, तो सदमे और बीमारी के चलते महज चार घंटे के भीतर दीपा ने भी दम तोड़ दिया।
एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार को जब पति-पत्नी के शव कसद गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई। अनाथ हुए तीन बेटों और एक बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। गुरुवार की शाम को गांव में दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिस पति-पत्नी ने पूरी जिंदगी साथ बिताई, उनका अंतिम सफर भी एक ही साथ तय हुआ।
माता-पिता दोनों का साया एक ही रात में सिर से उठ जाने के बाद उन मासूम बच्चों पर क्या गुजर रही होगी, इसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

