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चक्रवात ‘ऑर्नब’ का असर, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Arnab: ल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'ऑर्नब' के असर से देश के कई राज्यों में मौसम बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अक्टूबर से दक्षिण, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

Cyclone Arnab: ल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘ऑर्नब’ के असर से देश के कई राज्यों में मौसम बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अक्टूबर से दक्षिण, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट, समुद्र में उठ सकती हैं ऊंची लहरें

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘ऑर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में सक्रिय है और आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट की ओर बढ़ रहा है। 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके तट पार करने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और एलुरु जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका

उत्तर प्रदेश में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम बदल सकता है। पूर्वी यूपी में 28 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 अक्टूबर को भी कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 से 31 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

बिहार में 29 अक्टूबर से बारिश बढ़ने की संभावना है। 30 और 31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 28 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा में 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की संभावना

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा में 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। दक्षिण ओडिशा के तटीय और आसपास के इलाकों में भी मौसम खराब रह सकता है।मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। समुद्र की स्थिति बेहद खराब होने की आशंका के चलते तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

मध्य और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी बदलेगा मौसम

तेलंगाना में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा में भी अलग-अलग दिनों में बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में 27 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 से 31 अक्टूबर के बीच बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में कब होगी बारिश?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 27 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर के बीच दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 29 और 30 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

चक्रवात ‘ऑर्नब’ के असर से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ताजा सलाह पर नजर रखने, अनावश्यक रूप से समुद्र या जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।

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